Details, Fiction and Sad Shayari in Hindi

हज़ार वजहें हैं खुश रहने की… फिर भी न जाने क्यों उदास रहते हैं।

जैसे मुझसा बुरा दुनिया में कोई और नहीं।

यु न खिल खिल के हँसा कर उदास लोगो पे ऐ दोस्त,

शिकायत हमसे है, या किसी और से मुलाकात हो गई…!

झूठी दुनिया और झूठे लोगों के बीच निभ नहीं पाता।

यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!

टूटा हूँ मैं यूँ कि अब जुड़ना मुश्किल है,

ये जो तुम मुझे छोड़ने की बातें करते हो,

और तो और ये दिमाग है जो Sad Shayari in Hindi ये मानने को तैयार ही नही है,

चार घर की दूरी है, और बीच में सारा जमाना है…!!!

न जाने तन्हाई में कितने अश्क बहाते हैं।

तेरी यादों के जख़्म और गहरे हो जाते हैं।

उसे जाना था, हमने भी दिल पर पत्थर रखकर जाने दिया,

हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो,

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